Lakhimpur Kheri News: भारतीयों की भी आंखों को रोशनी दे रहा नेपाल का गेटा अस्पताल

लखीमपुर/धनगढ़ी। सस्ते और सुलभ इलाज के कारण नेपाल के धनगढ़ी में स्थित गेटा अस्पताल भारतीयों को भा रहा है। बड़ी संख्या में यहां से आंख रोग के मरीज रोशनी की उम्मीद लेकर यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

नेपाल के कैलाली जिले की गोदावरी नगर पालिका के रिकॉर्ड के अनुसार, यहां बने गेटा अस्पताल में हर वर्ष करीब 10 हजार भारतीय इलाज कराते हैं। इस अस्पताल में आंख का इलाज भारत की अपेक्षा सस्ता और सुलभ है। इस वजह से भी लोगों को इस अस्पताल पर भरोसा और बढ़ा है।

नेपाल से डेढ़ गुना सीमा से लगे भारत सहित अन्य जिलों से भी आंख के मरीज यहां पहुंच रहे हैं। इस अस्पताल में इस वर्ष तीन लाख से ऊपर मरीजों का इलाज व ऑपरेशन करने का लक्ष्य रखा गया है।

सन 1979 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नेपाल सरकार सहित सुदूर पश्चिम प्रदेश में आंख के मरीजों की बीमारी व अंधेपन को लेकर एक सर्वेक्षण किया था। सन 1981 में गेटा गांव में नेपाल सरकार, गैर सरकारी संस्था, प्रदेश सरकार व भारतीय दूतावास के सहयोग से अस्पताल बनाया गया। साथ ही नार्वेजियन डाॅक्टरों से इलाज शुरू कराया। तकरीबन 23 वर्षों तक नार्वेजियन डाॅक्टरों ने ऑपरेशन व सर्जरी की। सन 2004 से नेपाली डाॅक्टर ही इलाज व ऑपरेशन कर रहे हैं।

भारत के इन जिलों से पहुंचते हैं मरीज
गेटा अस्पताल के मैनेजर रमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि यूपी के लखीमपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बहराइच और उत्तराखंड के बनबसा, खटीमा, ऊधम सिंह नगर तक के मरीज यहां इलाज कराने पहुंचते हैं। अस्पताल में इस वर्ष 18,795 मरीजों का ऑपरेशन व सर्जरी हुई है। इसमें 10,337 भारतीय मरीज हैं। पिछले वर्ष 16,868 लोगों की सर्जरी व ऑपरेशन हुआ था, जिसमें 10,900 भारतीय मरीज थे।

आंखों की कई तरह की बीमारियों का होता है इलाज
अस्पताल प्रशासन प्रति वर्ष सुदूर पश्चिम प्रदेश के 9 जिलों में निशुल्क शिविर का भी आयोजन करता है। इसमें मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर लैंस भी डाले जाते हैं। साथ ही बाल आंख इलाज, आंसू नली, लेजर सर्जरी, विजुअल फील्ड जांच, कलर विजन जांच सहित 16 प्रकार का इलाज किया जाता है। इस साल 2 लाख 70 हजार लोगों का इलाज व 28 हजार लोगों के ऑपरेशन हुए हैं। इस वर्ष नेपाल ज्योति संघ व गेटा अस्पताल की बैठक में तीन लाख से अधिक लोगों को सेवा देने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अस्पताल में नेपाली मरीजों की संख्या 40 फीसदी होती है, जबकि भारतीय मरीजों की संख्या 60 फीसदी होती है। प्रत्येक वर्ष करीब 10 हजार से अधिक भारतीय मरीजों को इस अस्पताल से आंख की रोशनी मिल रही है।


डाॅ. सुरेश राज पंत, निदेशक, गेटा अस्पताल, नेपाल


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